दिल्ली कंज्यूमर कमीशन ने मेडिकल नेगलिजेंस के मामले में अस्पताल को भुगतान आदेश पलट दिया

नई दिल्ली, 1 सितंबर (PTI) – दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने सेंट स्टीफंस हॉस्पिटल की उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें अस्पताल को एक महिला को मेडिकल नेगलिजेंस के लिए लगभग 1.08 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया गया था।

आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा साहगल और सदस्य पिंकी के समक्ष सुनवाई के दौरान अस्पताल द्वारा 2018 के उत्तर दिल्ली जिला फोरम के फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसमें अस्पताल को लापरवाही का दोषी माना गया था।

26 अगस्त के आदेश में आयोग ने कहा कि विशेषज्ञों की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि डायबिटीज के मरीजों में सर्जिकल साइट इन्फेक्शन का उच्च जोखिम रहता है, खासकर खुली सर्जरी के बाद। इलाज करने वाले डॉक्टरों ने महिला को 13 जुलाई, 2007 को फॉलो-अप के लिए बुलाया था, जिसे महिला ने नजरअंदाज कर 15 जुलाई को अस्पताल में भर्ती हुई, जब संक्रमण बढ़ चुका था। इस कारण महिला की अनदेखी ने भी इस स्थिति को बढ़ावा दिया, जिसे ‘सहयोगी लापरवाही’ माना गया।

आयोग ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि संक्रमण डॉक्टर की लापरवाही से हुआ या महिला की स्वच्छता के अभाव या समय पर इलाज न कराने की वजह से, या फिर यह डायबिटीज की एक सामान्य जटिलता थी।

इसलिए, अस्पताल को लापरवाही के दोषी नहीं माना जा सकता। कुल मिलाकर आयोग ने जिला फोरम का आदेश रद्द कर दिया। साथ ही अस्पताल और उसके डॉक्टरों को भविष्य में बेहतर रिकॉर्ड रखने का निर्देश भी दिया गया है, ताकि इस प्रकार की गलतियां दोबारा न हों।

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