नई दिल्ली, 28 अगस्त (PTI) – दिल्ली की एक अदालत ने दो निजी ठेकेदारों, कपिल और उनके भाई रितेश वालिया को दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के साथ 2008 में धोखाधड़ी करने के आरोप में दोषी ठहराया है। आरोपियों पर आईपीसी की धाराओं 120B (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी), 468 (धोखाधड़ी के लिए फर्जीवाड़ा) और 471 (फर्जी दस्तावेज़ को असली के रूप में प्रयोग) के तहत मामला दर्ज है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश निश्चंत गर्ग ने रितेश के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए और दोनों को दोषी किया। कोर्ट के आदेश में कहा गया कि अभियोजक ने आरोपियों की दोषसिद्धि के लिए पर्याप्त सबूत पेश किए हैं।
मुकदमे के अनुसार, आरोपियों ने ट्यूबवेल के रिबोरिंग के लिए फर्जी बिल बनाकर जमा किए, जिन्हें DJB के दक्षिण-पश्चिम डिवीजन के अधिकारियों ने प्रमाणित कर दिया। इस फर्जीवाड़े से बोर्ड को ₹91.51 लाख का नुकसान हुआ।
39 पृष्ठों के आदेश में कोर्ट ने गवाहों के बयानों के आधार पर यह भी पाया कि 10 सितंबर 2008 की एक इनवॉइस फर्जी थी और इसके आधार पर पाइप की खरीद या इंस्टॉलेशन के लिए भुगतान लिया गया, जबकि कोई पाइप खरीदा या लगाया नहीं गया था।
कोर्ट ने यह भी माना कि रितेश ठेके से संबंधित काम की निगरानी में सक्रिय था और उसने गलत स्ट्राटा चार्ट पर हस्ताक्षर किया था।
सजा पर बहस 11 सितंबर को होगी।
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