नई दिल्ली, 7 अगस्त (PTI) — CPI(M) राज्यसभा सांसद वी शिवदासन ने गुरुवार को जम्मू और कश्मीर में 25 किताबों पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने की मांग की और लोकतांत्रिक ताकतों से इसे विरोध करने का आह्वान किया।
प्रतिबंध को “बहुत कष्टदायक” बताते हुए, शिवदासन ने PTI से कहा, “भारत एक लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष देश है। इस प्रतिबंध का विरोध लोकतांत्रिक ताकतों को करना चाहिए।”
जम्मू-कश्मीर सरकार ने बुधवार को 25 किताबों को “भ्रामक कथानक फैलाने और आतंकवाद की महिमा बढ़ाने” के आरोप में जब्त कर दिया है। इन किताबों के लेखकों में मशहूर नाम जैसे मौलाना मवाददी, अरुंधति रॉय, ए.जी. नूरानी, विक्टोरिया स्कॉफील्ड और डेविड देवदास शामिल हैं।
इन किताबों में शामिल हैं:
“अल जिहादुल फिल इस्लाम” — इस्लामी विद्वान और जमात-ए-इस्लामी के संस्थापक मौलाना मवाददी द्वारा
“इंडिपेंडेंट कश्मीर” — ऑस्ट्रेलियाई लेखक क्रिस्टोफर स्नेडन द्वारा
“इन सर्च ऑफ अ फ्यूचर (द स्टोरी ऑफ कासिमिर)” — डेविड देवदास द्वारा
“काश्मीर इन कॉन्फ्लिक्ट (इंडिया, पाकिस्तान एंड द अनएंडिंग वार)” — विक्टोरिया स्कॉफील्ड द्वारा
“द कश्मीर डिस्प्यूट (1947-2012)” — नूरानी द्वारा
“आजादी” — अरुंधति रॉय द्वारा
SEO टैग्स:
#स्वदेशी, #समाचार, #CPI_M, #जम्मू_कश्मीर, #किताबों_पर_प्रतिबंध, #लोकतंत्र, #शिवदासन, #आदर्श_स्वतंत्रता, #भारत

