दिल्ली विधानसभा में प्राइवेट स्कूल फीस विनियमन विधेयक पर बहस; बीजेपी का समर्थन, आम आदमी पार्टी ने समीक्षा की मांग

नई दिल्ली, 5 अगस्त (PTI) — दिल्ली विधानसभा के मॉनसून सत्र के दूसरे दिन प्राइवेट स्कूलों में फीस वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए पेश किए गए विधेयक को लेकर गर्मागर्म बहस हुई, जिसमें बीजेपी ने प्रस्ताव का समर्थन किया और आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे चयन समिति को भेजने की मांग की।

शिक्षा मंत्री आशिष सूद ने कहा कि दिल्ली स्कूल एजुकेशन ट्रांसपेरेंसी इन फिक्सेशन एंड रेगुलेशन ऑफ फीज़ बिल, 2025 का उद्देश्य प्राइवेट स्कूल फीस के विनियमन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत संस्था-तंत्र स्थापित करना है। उन्होंने बताया कि इस विधेयक में अभिभावक, शिक्षक और स्कूल प्रबंधन सभी हितधारकों की भागीदारी होगी।

विपक्ष द्वारा उठाए गए स्कूल ऑडिट और शिकायत दर्ज कराने के लिए कम से कम 15 प्रतिशत अभिभावकों के समर्थन की आवश्यकता से संबंधित सवालों के जवाब में सूद ने कहा कि सरकार इस प्रावधान पर चर्चा के लिए खुले मन की है।

बीजेपी के मालीवाड़ा नगर से विधायक सतीश उपाध्याय ने कहा कि यह विधेयक बार-बार फीस वृद्धि के बोझ से जूझ रहे अभिभावकों को राहत देगा। उन्होंने कहा, “इस विधेयक के तहत गठित समिति में अभिभावकों को भी शामिल किया जाएगा, जिससे उन्हें फीस संशोधनों के फैसलों में आवाज मिलेगी।”

वहीं, विपक्ष की नेता अतिशी ने इस विधेयक को स्कूल फीस बढ़ाने के लिए एक “कानूनी कवर” करार दिया। उन्होंने कहा, “हमने अभिभावकों की प्रतिक्रिया के आधार पर संशोधन का सुझाव दिया है, जिसे कल वोट के लिए रखा जाएगा।”

आम आदमी पार्टी के देओली से विधायक प्रेम चौहान ने भी आपत्ति जताई कि यह विधेयक स्कूल समितियों को फीस संरचना तय करने का अधिकार देता है और स्कूल ऑडिट को अनिवार्य नहीं करता। उन्होंने कहा, “शिकायत दर्ज कराने के लिए एक अभिभावक को कम से कम 15 प्रतिशत अभिभावकों के समर्थन की आवश्यकता होती है, जो एक अनुचित बाधा है।”

विधानसभा के सभापति विजयेंद्र गुप्ता ने कहा कि सभी सदस्य बुधवार को अपने प्रस्तावित संशोधनों को प्रस्तुत करेंगे और इसके बाद विधेयक पर मतदान होगा।

PTI

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