नई दिल्ली, 7 अगस्त (PTI) — दिल्ली विधानसभा में गुरुवार को राज्य की वित्तीय स्थिति पर नियंत्रण रखने वाली भाजपा के विधायक, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में, विपक्षी आम आदमी पार्टी (AAP) पर भारी हमला किया। उन्होंने पिछले अरविंद केजरीवाल नेतृत्व वाली सरकार के वित्तीय प्रबंधन को लेकर CAG (महालेखा परीक्षक) की रिपोर्ट के निष्कर्षों का हवाला दिया।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सत्ता में रहते हुए केवल मुफ्त पानी, बिजली और महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा जैसी घोषणाओं के लिए चुनावी लाभ उठाती रही, जबकि दिल्ली के प्रशासनिक विकास और सुधार की उपेक्षा की गई।
उन्होंने दिल्ली सरकार के वित्तीय खाते के लिए वर्ष 2023-24 की CAG रिपोर्ट को विधानसभा के लोक लेखा समिति (पब्लिक अकाउंट्स कमेटी) को भेजने का सुझाव दिया। 5 अगस्त को विधानसभा में वित्तीय खातों, व्यय खाते और निर्माण मजदूरों से संबंधित तीन रिपोर्टें गुप्ता द्वारा प्रस्तुत की गई थीं।
इस बीच, AAP के विधायकों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए भाजपा सदस्यों और मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान बार-बार हंगामा किया तथा कई बार वॉकआउट भी किया। स्पीकर ने अशांत व्यवहार के लिए AAP के अनिल झा, जस्नेल सिंह, कुलदीप कुमार और प्रेम चौहान को विधानसभा से बाहर निकाल दिया।
स्पीकर ने विपक्ष को फटकार लगाते हुए कहा, “जब भ्रष्टाचार उजागर होता है तब आप लोग चिल्लाना शुरू कर देते हैं। जब विधानसभा में CAG रिपोर्ट पर चर्चा होती है तो आप घबराते हैं और वॉकआउट की योजना बनाते हैं।”
विपक्ष के नेता और पूर्व दिल्ली की मुख्यमंत्री अतीशी ने कहा कि दिल्ली सरकार की वित्तीय स्थिति की खराबी के लिए केवल केंद्र सरकार ही जिम्मेदार है। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार की अपनी राजस्व प्राप्तियां लगातार बढ़ रही थीं और यह देश में तीसरा सबसे बड़ा था। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली के लोगों ने केंद्र को 2.2 लाख करोड़ रुपये इनकम टैक्स और GST के रूप में दिए पर केंद्र ने दिल्ली को केंद्रीय पूल से मात्र 850 करोड़ रुपये ही वापस भेजे।
अतीशी ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे बोल रही थीं तो उनका माइक्रोफोन बंद कर दिया गया था, हालांकि स्पीकर ने इस दावे को नकारते हुए बताया कि उन्हें अपनी बात पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया था, लेकिन वे बहस के विषय से भटक कर बार-बार वहियां बातें दोहरा रही थीं।
अतीशी ने भाजपा से चुनौती दी कि वह दिल्ली को केंद्रीय पूल में उसका उचित हिस्सा दे और 50,000 करोड़ रुपये की मांग करे।
भाजपा विधायक राज कुमार भाटिया और तरविंदर मरवाह ने आम आदमी पार्टी पर शासन करने के दौरान कुछ भी नहीं करने का आरोप लगाया। उनके साथी संजय गोयल ने CAG रिपोर्ट में वित्तीय लेखांकन में गड़बड़ियों और शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्रों पर घटते खर्च की बातें कही।
संजय गोयल ने कहा, “इतनी बड़ी बजट राशि होने के बावजूद, विभाग अपनी आवंटित राशि का उपयुक्त उपयोग करने में नाकाम रहे। रिपोर्ट में 3,760 करोड़ रुपये के व्यय के लिए उपयोग प्रमाण पत्र (utilisation certificates) उपलब्ध न होने जैसी अनियमितताएं भी उजागर हुई हैं।”
विपक्षी विधायक अनिल झा ने वित्त मंत्री पर सवाल उठाए कि रेखा गुप्ता सरकार ने आगामी 2025-26 के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के बजट को लेकर क्या योजना बनाई है।
भाजपा के अशोक गोयल, कुलवंत राणा और शिखा रॉय ने निर्माण मजदूरों के कल्याण को लेकर CAG रिपोर्ट में आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा।
अशोक गोयल ने कहा, “केजरीवाल ने विज्ञापनों पर खूब पैसा खर्च किया, लेकिन निर्माण मजदूरों की फ़िक्र नहीं की। यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि नैतिक पतन भी है।” उन्होंने सुझाव दिया कि पंजीकृत निर्माण मजदूरों का डेटा डिजिटलीकृत किया जाए और बायोमेट्रिक प्रणाली का उपयोग हो ताकि कल्याणकारी योजनाएं सही लाभार्थियों तक पहुंच सके।
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