नई दिल्ली, 23 अगस्त (PTI) – दिल्ली की एक अदालत ने डॉक्टर अशोक यादव को 2014 में एक महिला पर एसिड फेंकने के मामले में 12 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि पीड़िता, जैसे पौराणिक पक्षी फीनिक्स राख से उठती है, भयानक घटना से हुए शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक आघात के बावजूद अपनी जिंदगी को फिर से बना चुकी है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौम्या चौहान ने दोषी पाए गए डॉक्टर अशोक यादव (42) और वैभव (32) के खिलाफ सजा सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि अशोक यादव मुख्य साजिशकर्ता था जिसने पीड़िता का चेहरा बिगाड़ने के लिए एसिड हमला करवाया, क्योंकि वह शादी के प्रस्तावों को अस्वीकार करने पर बदला लेना चाहता था।
अदालत ने कहा, “डॉ. अशोक यादव की MBBS डिग्री भी उसकी पुरातनवादी और पितृसत्तात्मक सोच को नहीं हटा सकी। उसने चिकित्सा पेशे के शपथ – भलाई, हानि न पहुंचाने और गोपनीयता – का उल्लंघन किया।”
डिफेंस की दलीलों को खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि एसिड हमले ने पीड़िता की दाहिनी आंख को नष्ट कर दिया, और पीड़िता के बेहतर जीवन और शादीशुदा होने को आरोपी की सजा कम करने का आधार नहीं बनाना चाहिए।
अदालत ने अशोक यादव को IPC की धारा 326A (एसिड हमले द्वारा गंभीर चोट), 120B (साजिश) के तहत 12 साल की कड़ी सजा के साथ 5 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया, जो पीड़िता को दिया जाएगा। सह-आरोपी वैभव को दस वर्ष से अधिक जेल में रहने के चलते रिहा कर दिया गया।
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