नई दिल्ली, 18 जुलाई (PTI) — दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को राजधानी के प्रमुख संस्थान हिंदू कॉलेज से शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए अतिरिक्त पाठ्यक्रम गतिविधियों (ECA) और खेल कोटे के अंतर्गत आरक्षित सीटों की पूरी जानकारी मांगी है।
न्यायमूर्ति विकास माहाजन की एकल पीठ ने कॉलेज प्रशासन को निर्देश दिया है कि जब तक lawn tennis खिलाड़ी द्वारा दाखिले के लिए लगाई गई याचिका पर निर्णय नहीं हो जाता, 2025-26 हेतु खेल कोटे के तहत एक सीट आरक्षित रखी जाए।
याचिका में क्या कहा गया?
याचिकाकर्ता रावत ने दलील दी है कि दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित 5% ECA/खेल कोटा को हिंदू कॉलेज लागू नहीं कर रहा है, जो कि अनिवार्य है।
वरिष्ठ अधिवक्ता जीतेंद्र गुप्ता, जो याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व कर रहे थे, ने बताया कि याचिकाकर्ता CBSE नेशनल्स का गोल्ड मेडलिस्ट है और उसके पास lawn tennis में उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रमाण है।
गुप्ता ने कहा:
“कॉलेज के कुल सीटों की संख्या के आधार पर, ECA/खेल कोटे के तहत कम से कम 47 सीटें आरक्षित होनी चाहिए, जबकि कॉलेज केवल 20 सीटें (10 ECA और 10 स्पोर्ट्स) ही आरक्षित कर रहा है।”
उन्होंने यह भी कहा कि कॉलेज ने खेल कोटे को महज तीन खेलों — बास्केटबॉल, क्रिकेट और फुटबॉल तक सीमित कर दिया है, जिससे lawn tennis जैसे अन्य खेल पूरी तरह उपेक्षित रह गए हैं।
हाईकोर्ट का रुख
हाईकोर्ट ने कॉलेज प्रशासन को निर्देश दिया कि:
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ECA और खेल कोटे के अंतर्गत आरक्षित सीटों की पूरी जानकारी कोर्ट को दी जाए,
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साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि वर्ष 2025-26 के लिए याचिकाकर्ता के लिए एक सीट आरक्षित रखी जाए, जब तक कोर्ट इस याचिका पर अंतिम निर्णय नहीं दे देती।
यह मामला विश्वविद्यालय में पारदर्शिता और नियमों के अनुपालन की आवश्यकता को रेखांकित करता है, विशेष रूप से ऐसे प्रतिष्ठित संस्थानों में जहां खेल और सांस्कृतिक प्रतिभाओं को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
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