नई दिल्ली, 14 अगस्त (पीटीआई) – दिल्ली हाई कोर्ट 25 अगस्त को आम आदमी पार्टी (आप) की उस याचिका पर विचार करेगा जिसमें उसके राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को राष्ट्रीय राजधानी में सरकारी आवास आवंटित करने की मांग की गई है।
न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने इस मामले में विस्तृत सुनवाई के लिए तारीख तय करते हुए सुनवाई स्थगित कर दी।
याचिका में केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है कि वह केजरीवाल को आवास आवंटित करे।
याचिका में कहा गया है कि सामान्य पूल से राजनीतिक दलों को आवास आवंटन के दिशा-निर्देशों के अनुसार, किसी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष को दिल्ली में एक सरकारी आवास का अधिकार है, बशर्ते कि उनके पास खुद का मकान न हो और न ही उन्हें किसी अन्य आधिकारिक क्षमता में मकान आवंटित किया गया हो।
पार्टी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कहा, “सभी पूर्व-शर्तें पूरी होती हैं। हमारे पास एक राष्ट्रीय संयोजक हैं, जो राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। हम एक केंद्रीय स्थान पर आवास का अनुरोध कर रहे हैं।”
मेहरा ने अदालत को बताया कि आप ने पहली बार 20 सितंबर पिछले साल इस संबंध में अधिकारियों को पत्र लिखा था, और बाद में अनुस्मारक भी भेजा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि पहले एक पीठ ने पार्टी को दफ्तर आवंटित किया था जब उसके पास कोई कार्यालय नहीं था, और वर्तमान अनुरोध आवास के लिए है।
याचिका में कहा गया है कि केजरीवाल ने 4 अक्टूबर को मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद 6, फ्लैगस्टाफ रोड स्थित अपना आधिकारिक आवास खाली कर दिया था। तब से वह मंडी हाउस के पास पार्टी के एक अन्य सदस्य के आधिकारिक आवास में रह रहे हैं।
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