नई दिल्ली, 26 अगस्त (PTI) – दिल्ली जल बोर्ड (DJB) अगले 36 महीनों में वित्तीय सुधार और यमुना नदी पुनरुद्धार के लिए एक निजी रणनीतिक इकाई को नियुक्त करने की योजना बना रहा है। बोर्ड ने इस उद्देश्य से एक परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) सलाहकार की नियुक्ति के लिए टेंडर निकाला है, जो इन सुधारों की योजना, कार्यान्वयन और निगरानी में सहायता करेगा।
अधिकारी बताते हैं कि इस योजना में मुख्य फोकस क्षेत्र यमुना नदी का पुनरुद्धार, जल दरों में वृद्धि, जल उत्पादन बढ़ाना, वित्तीय हानियों को कम करना और सीवेज प्रबंधन में सुधार शामिल होंगे।
योजना के तहत, भूजल, शहरी सुधार, आईटी, वित्त, और शहरी योजना जैसे क्षेत्रों में करीब 10 विशेषज्ञों को नियुक्त किया जाएगा जो प्रमुख कार्यक्रमों को कार्यान्वयन योग्य कार्यस्ट्रीम में विभाजित करके समयसीमा और जिम्मेदारियां निर्धारित करेंगे।
बीजेपी के सत्ता में आने से पहले दिया गया एक वादा था यमुना नदी की सफाई करना। पिछले छह महीनों में इस दिशा में कई घोषणाएं भी की गई हैं और नई इकाई की प्रमुख प्राथमिकता के रूप में इसके लिए एक कार्य योजना प्रस्तुत करना होगा।
वर्तमान में, दिल्ली जल बोर्ड 17 जल उपचार संयंत्र (WTPs) और हजारों ट्यूबवेल संचालित करता है, जो दिनाना लगभग 1000 मिलियन गैलन पानी उत्पादन करते हैं। इसके अलावा शहर में 37 सीवेज उपचार संयंत्र (WWTPs) भी हैं जो गंदा पानी संसाधित करते हैं।
इस परियोजना में योजना, कुशल जल आपूर्ति, और सीवेज संग्रहण व उपचार के डिजिटल और आधुनिक तकनीकी उपादानों का उपयोग किया जाएगा, और एक आंतरिक मॉनिटरिंग डैशबोर्ड भी स्थापित किया जाएगा।
जल बोर्ड भूजल प्रबंधन को और प्रभावी बनाने के लिए बेहतर भूजल पुनर्भरण प्रणालियों का भी अध्ययन करेगा।
जल दरों में संशोधन की योजना है, हालांकि इसके लिए अभी राशि और समय सीमा तय नहीं की गई है। इस विषय पर गृह मंत्री अमित शाह के साथ भी चर्चा हो चुकी है।
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