नई दिल्ली, 30 अगस्त (PTI) – दिल्ली के दक्षिण-पूर्वी इलाके कालकाजी मंदिर में 35 वर्षीय सेवादार योगेंद्र सिंह की सार्वजनिक स्थल पर हिंसात्मक विवाद के बाद पिटाई कर हत्या कर दी गई। पुलिस ने शनिवार को इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 9.30 बजे मंदिर में हुई बहस के दौरान आरोपियों ने निशाना बनाया। आरोपियों में से अतुल पांडे (30), जो उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले हैं, को अक्सरों ने मौके पर पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया। मोहंन उर्फ भूरा (19) और कुलदीप बिधुरी (20), जो तुगलकाबाद के रहने वाले और चचेरे भाई हैं, शनिवार को गिरफ्तार किए गए।
मामला तब बिगड़ा जब ये आरोपी मंदिर में ‘चुन्नी प्रसाद’ मांगते हुए संघर्ष कर रहे सेवादार योगेंद्र सिंह से भिड़ गए। आरोप है कि आरोपियों ने सेवा दूत पर लाठी-डंडों से हमला किया।
योगेंद्र सिंह, जो करीब 15 वर्षों से मंदिर सेवा में लगे थे, को इलाज के लिए AIIMS ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया लेकिन उनकी मौत हो गई। घटना के सीसीटीवी फुटेज में आरोपियों द्वारा खुलेआम उनकी पिटाई की पूरी वारदात कैद है।
कालकाजी मंदिर के महासचिव सिद्धार्थ भारद्वाज ने कहा, “यह घटना दिल दहला देने वाली है। मंदिर समिति और पुजारी समुदाय न्याय की मांग कर रहे हैं। आवश्यक है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।”
मंदिर के एक अन्य सेवादार राजू ने बताया कि 10-15 लोग योगेंद्र सिंह को धर्मशाला से बाहर खींचकर बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला। उस वक्त अन्य सेवादार पूजा कर रहे थे, जिसकी वजह से योगेंद्र अकेले थे।
आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अगर यह कानून व्यवस्था की विफलता नहीं है तो और क्या है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या दिल्ली में अब कोई सुरक्षित है।
इस मामले में कालकाजी पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 103(1) (हत्या) और 3(5) (संयुक्त दायित्व) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छानबीन कर रही है।
एसईओ टैग्स:
#दिल्ली_कालकाजी_मंदिर #सेवादार_हत्या #तीन_गिरफ्तार #योगेंद्र_सिंह #AIIMS #कानून_व्यवस्था #BreakingNews

