नई दिल्ली, 6 अगस्त (PTI) — दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर 204.13 मीटर तक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान 204.50 मीटर से मात्र 0.37 मीटर कम है। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण हरियाणा और उत्तराखंड के उच्च इलाकों में हो रही बारिश और हथनीकुंड बैराज से अधिक मात्रा में पानी छोड़ा जाना बताया गया है।
मॉनसून के दौरान पहली बार इस बार पानी की निकासी 61,000 क्यूसेक्स तक पहुंची थी, जो दोपहर बाद घटकर 40,000 क्यूसेक्स हो गई। पानी को बैराज से दिल्ली तक पहुंचने में लगभग 48 से 50 घंटे लगते हैं, इसलिए यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और चेतावनी स्तर के बेहद करीब है।
अधिकारी इस पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और सीमा के निचले इलाकों में बाढ़ के खतरे के मद्देनजर सतर्कता बरती जा रही है। यमुना के किनारे बसे इलाकों को लेकर आपदा प्रबंधन की टीमें अलर्ट हैं और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा सकता है।
2023 में यमुना का पानी 208.66 मीटर तक पहुंच चुका था, जिससे राजधानी के कई इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए थे। इस साल भी बारिश और बैराज से छोड़े गए पानी के कारण यह खतरा बना हुआ है।
इसलिए दिल्ली में यमुना नदी के जलस्तर पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें।
SEO टैग्स:
#स्वदेशी, #समाचार, #यमुना_नदी, #जलस्तर, #बाढ़_खतरा, #दिल्ली_मॉनसून, #हथनीकुंड_बराज, #बारिश, #यमुना_जलस्तर_अलर्ट, #आपदा_प्रबंधन