असममित संपत्ति मामले में पूर्व सीएम चौटाला के वारिसों की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई से जवाब मांगा

नई दिल्ली, 21 अगस्त (PTI) – दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को दिवंगत पूर्व हरियाणा के मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के कानूनी वारिसों द्वारा दायर याचिका पर सीबीआई से जवाब मांगा। इन वारिसों ने असममित संपत्ति मामले की सजा के खिलाफ दायर अपील में पक्षकार बनाए जाने की मांग की है।

न्यायमूर्ति रवींद्र दूदेजा ने सीबीआई को नोटिस जारी किया और मामले को 15 सितंबर तक के लिए टाल दिया।

वारिसों की याचिका में कहा गया है कि चौटाला का 20 दिसंबर, 2024 को गुरुग्राम, हरियाणा में निधन हो चुका है और उनकी चार साल की सजा पहले ही हाईकोर्ट द्वारा स्थगित की जा चुकी है।

3 अगस्त, 2022 को हाईकोर्ट ने चौटाला को जमानत देते हुए उनकी सजा को तब तक के लिए स्थगित कर दिया था जब तक कि वे 50 लाख रुपये जुर्माने का भुगतान कर देते, साथ ही व्यक्तिगत और ज़मानती संपार्श्विक भी प्रदान करते।

27 मई, 2022 को ट्रायल कोर्ट ने चौटाला को दण्डित करते हुए 1993 से 2006 के बीच असममित संपत्ति अर्जित करने के लिए उन्हें चार साल की जेल और 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।

पूर्व मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट में सजा की समाप्ति की याचिका दायर की थी।

सीबीआई ने 26 मार्च, 2010 को 2005 में दर्ज इस मामले में आरोपपत्र दायर किया था जिसमें चौटाला पर 1993 से 2006 के बीच अपनी वैध आय के मुकाबले अत्यधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप था।

सीबीआई की एफआईआर में कहा गया है कि चौटाला ने 24 जुलाई, 1999 से 5 मार्च, 2005 तक हरियाणा मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते हुए अपने परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों के साथ मिलीभगत से अपनी ज्ञात वैध आय के मुकाबले असममित संपत्ति, चल और अचल, अपने नाम और अपने परिवार के नाम पर अर्जित की।

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