EC makes public names of 65 lakh people deleted from Bihar voter list during SIR

पटना, 18 अगस्त (पीटीआई) – चुनाव आयोग (EC) ने सोमवार को बिहार के मतदाता सूची के मसौदे से हटाए गए लगभग 65 लाख लोगों के नाम सार्वजनिक किए। ये नाम विशेष गहन संशोधन (SIR) के हिस्से के रूप में हटाए गए थे।

यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद उठाया गया है, जिसमें कहा गया था कि हटाए गए नामों की सूची 19 अगस्त तक सार्वजनिक की जाए और आयोग 22 अगस्त तक इसका अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करे।

चुनाव आयोग चयनित बूथों पर “ASD” (अनुपस्थित, स्थानांतरित, एवं मृत) मतदाताओं की सूची प्रकाशित कर रहा है और जल्द ही इसे ऑनलाइन भी अपलोड किया जाएगा। सूची में नाम EPIC नंबर या विधानसभा क्षेत्र के बूथ के अनुसार खोजे जा सकेंगे।

बिहार के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) ने बताया कि रोहतास, बेगूसराय, अरवल सहित कई जिलों में ये ASD सूचियां बूथ कार्यालयों पर प्रदर्शित की गई हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश का उद्देश्य मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और नागरिकों को संशोधन के लिए शिकायत दर्ज कराने का अवसर देना बताया है। आयोग ने कहा है कि आयु और पहचान के लिए आधार कार्ड को मान्य दस्तावेज माना जाएगा और इसके माध्यम से शिकायत दर्ज की जा सकेगी।

इस आदेश के बाद राज्य के सभी जिला मजिस्ट्रेटों की वेबसाइटों पर सूची अपलोड कर दी गई है ताकि जनता इसे आसानी से देख और सत्यापित कर सके।

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