ED ने बिहार सरकार को किया ₹131 करोड़ के रेत खनन ‘घोटाले’ का अलर्ट; ताजा FIR दर्ज करने की मांग की

नई दिल्ली/पटना, 30 जुलाई (PTI) — प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बिहार सरकार को एक पत्र लिखकर राज्य के बांका जिले में ₹131 करोड़ से अधिक के कथित रेत खनन घोटाले पर अलर्ट किया है, जिसमें कुछ राजनेताओं और उनके साथियों के संभावित संबंध भी बताए गए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
यह पत्र कुछ सप्ताह पहले भेजा गया था और यह 2023 के ‘लोक अदालत’ की प्रक्रिया के संदर्भ में है, जहां आरोपितों के खिलाफ आपराधिक मामला ‘मुल्तवी’ कर उन्हें जुर्माने के साथ छोड़ा गया।

इस मामले की शुरुआत बांका पुलिस द्वारा 2017-18 में माहीदेव एन्क्लेव नामक कंपनी एवं उसके प्रमोटरों के खिलाफ सात आपराधिक FIR दर्ज करने से हुई, जिसमें अवैध रेत खनन के आरोप शामिल थे। पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी, चोरी समेत कई आपराधिक प्रावधानों के साथ खान और खनिज विकास नियमों, बिहार मिनरल्स नियम और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।

कंपनी 2015 से 2021 तक जिले के 28 नदी तटों से रेत निकालने का एकमात्र लाइसेंसधारी थी। पुलिस ने कई बयानों को रिकॉर्ड किया और सभी सात मामलों में आरोपपत्र न्यायालय में दायर किया जिसमें कंपनी एवं उसके निदेशक मनोज कुमार पाचिसिया आरोपी थे।

हालांकि, अदालत में लम्बित प्रक्रिया के चलते यह मामला लोक अदालत में गया, जहां फरवरी 2023 में आरोपितों को जुर्माना भरकर छोड़ा गया।

ED ने इन आरोपपत्रों के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया और विभिन्न व्यक्तियों से साक्ष्य व बयान लिए, जिनमें बांका के खनन विकास अधिकारी भी शामिल थे। लेकिन लोक अदालत में सुलह के कारण ED की कार्रवाई बाधित हुई क्योंकि मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत आचरणीय अपराध (predicate offence) आवश्यक है।

सूत्रों के मुताबिक, ED ने हाल ही में बिहार के खान और भूविज्ञान विभाग को PMLA की धारा 66(2) के तहत सूचना दी, जो कानूनी एजेंसियों के साथ जानकारी साझा करने की अनुमति देती है। इस पत्र में IIT पटना द्वारा ED के अनुरोध पर तैयार जियोटेक्निकल रिपोर्ट संलग्न थी, जिसमें पाया गया कि 2016 से 2021 के बीच 11.99 करोड़ घन मीटर रेत अवैध रूप से निकाली गई। विशेषज्ञों ने यह रिपोर्ट उपग्रह और रिमोट सेंसिंग तकनीक से लगभग दो महीने में तैयार की।

इस रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि अवैध खनन लीज क्षेत्र से भी बाहर किया गया। ईडी ने पत्र में कहा है कि यह अवैध रेत खनन राज्य सरकार को लगभग ₹131.43 करोड़ का राजस्व झटका लगा है।

एजेंसी ने राज्य पुलिस से आग्रह किया है कि धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड़यंत्र और संबंधित खनन एवं पर्यावरण कानूनों के तहत नई FIR दर्ज की जाए ताकि आरोपियों को आपराधिक कानूनों के अंतर्गत अभियोजित किया जा सके।

मिली जानकारी के अनुसार आरोपियों एवं उनके जुड़े अन्य व्यक्तियों की धन प्रवाह जांच से कुछ राजनेताओं की संभावित संलिप्तता के संकेत मिलते हैं।

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