सरकार ने बताया: इस साल नियामक और भू-राजनीतिक मुद्दों के कारण 2,458 उड़ानें रद्द या पुनर्निर्धारित की गईं

नई दिल्ली, 7 अगस्त (PTI) — नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने लोक सभा को बताया कि इस वर्ष नियामक और भू-राजनीतिक कारणों से एयरलाइंस ने कुल 2,458 उड़ानें रद्द या पुनर्निर्धारित की हैं।

राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने लिखित उत्तर में कहा कि देरी और रद्दीकरण के कारण एयरलाइंस को अतिरिक्त ईंधन, क्रू ओवरटाइम, रखरखाव, हवाई अड्डे के शुल्क और पुनःबुकिंग जैसे खर्चों का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने बताया कि एयरलाइंस को रद्द किए गए या अत्यधिक विलंबित उड़ानों के लिए यात्रियों को रिफंड या मुआवजा देना होता है।

मोहोल ने कहा, “जनवरी से जून 2025 तक घरेलू एयरलाइंस द्वारा यात्रियों की संख्या पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 7.34 प्रतिशत बढ़ी है।”

इस वर्ष IndiGo और एयर इंडिया ने क्रमशः 1,017 और 662 उड़ानें रद्द या पुनर्निर्धारित कीं। SpiceJet ने 334 उड़ानें तथा एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 427 उड़ानें रद्द या पुनर्निर्धारित कीं, जबकि अकासा एयर के मामले में यह संख्या 18 रही।

मोहोल ने बताया कि ये 2,458 उड़ानें “नियामक मुद्दों और भू-राजनीतिक कारणों” से रद्द या पुनर्निर्धारित की गई हैं।

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