अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाए रखने के लिए सरकार बहु-आयामी रणनीति अपना रही है: वित्त राज्य मंत्री

नई दिल्ली, 21 जुलाई (PTI) — वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की आर्थिक वृद्धि को बनाए रखने के लिए सरकार कई मोर्चों पर एक साथ प्रयास कर रही है, यह बात सोमवार को वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से कही।

उन्होंने बताया कि

2025-26 के लिए राजकोषीय घाटे का अनुमान 4.4% रखा गया है, जैसा कि संघ बजट 2025-26 में प्रस्तुत किया गया। वर्तमान चरण में इस लक्ष्य को संशोधित करने की कोई आवश्यकता नहीं समझी गई है और न ही इसे उपयुक्त माना जा रहा है।”

मंत्री के अनुसार, सरकार ने वैश्विक व्यापार तनाव, पूंजी प्रवाह में अनिश्चितता और भू-राजनीतिक जोखिमों जैसे हालिया वैश्विक संकटों को देखते हुए आर्थिक वृद्धि को बनाए रखने के लिए बहु-आयामी दृष्टिकोण अपनाया है।

आर्थिक मजबूती के मुख्य आधार

पंकज चौधरी ने बताया कि भारत की आर्थिक स्थिरता मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक मूलभूत संरचना पर टिकी है, जिसमें शामिल हैं:

  • स्थिर आर्थिक वृद्धि

  • मूल्य स्थिरता

  • विश्वसनीय राजकोषीय समेकन

  • सशक्त बाह्य क्षेत्र (External Sector Performance)

  • मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार

  • अच्छी पूंजीकृत बैंकिंग व्यवस्था

  • मजबूत भौतिक और डिजिटल अवसंरचना

इसके अलावा, विकसित व विनियमित वित्तीय प्रणालीइन्फ्लेशन टार्गेटिंग मॉडल और लचीला विनिमय दर तंत्र भी भारतीय अर्थव्यवस्था को बाहरी झटकों से बचाने में सहायक हैं, उन्होंने जोड़ा।

विकास को बढ़ावा देने के लिये उठाए गए कदम

मंत्री ने बताया कि निम्नलिखित उपायों से आर्थिक विकास को गति दी जा रही है:

  • FDI के क्षेत्र में उदारीकरण

  • द्विपक्षीय व्यापार समझौतों पर तेजी से कार्य

  • क्रेडिट गारंटी योजनाएं

  • और विशेषकर पूंजीगत खर्च (Capex) में वृद्धि

संघ बजट 2025-26 में इस दिशा में ₹1.5 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है।

बिजली क्षेत्र और ग्रामीण समृद्धि

उन्होंने बताया कि बजट में प्रस्तावित है:

  • राज्यों को अपनी बिजली वितरण प्रणाली में सुधार और इंट्रा-स्टेट पारेषण क्षमता बढ़ाने के लिए 0.5% अतिरिक्त उधारी की अनुमति, बशर्ते यह सुधार किए जाएं।

  • एक “ग्रामीण समृद्धि और लचीलापन कार्यक्रम” (Rural Prosperity and Resilience Programme) आरंभ करने की योजना, जो राज्यों के सहयोग से कार्यान्वित किया जाएगा और कृषि क्षेत्र में अर्ध-रोजगार की समस्या को दूर करेगा।

प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोत्तरी

एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि:

  • 2024-25 में प्रति व्यक्ति शुद्ध राष्ट्रीय आय (NNI) स्थिर कीमतों पर ₹1,14,710 है (MoSPI द्वारा जारी अस्थायी GDP अनुमान के अनुसार)।

  • 2014-15 में यह प्रति व्यक्ति आय ₹72,805 थी।

राज्यवार आय में अंतर को उन्होंने आर्थिक संरचना, क्षेत्रीय विकास की भिन्न स्तर, प्रशासनिक क्षमता और शासन तंत्र में असमानता जैसी कई वजहों से होना बताया।

समावेशी विकास पर सरकार का जोर

पंकज चौधरी ने कहा:

“सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर प्रतिबद्ध है और गरीबी और असमानता कम करनेआजिविका के अवसर बनानेसामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा वंचित वर्गों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए कई लक्षित योजनाएं चला रही है।”

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