नई दिल्ली, 1 सितंबर (PTI) – दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की पहल से किसानों को उचित और न्यायसंगत मुआवजा सुनिश्चित होने से राजस्थान-दिल्ली इंटरस्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया और प्रोजेक्ट की समयबद्धता में तेजी आएगी, सरकारी कार्यालय ने सोमवार को एक बयान में कहा।
पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (PGCIL) इस परियोजना को अमल में ला रहा है, जो राजस्थान से दिल्ली तक बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। इस ट्रांसमिशन लाइन के मार्ग में करीब 20 गांव पड़ते हैं, जिनमें आउचांडी, हरेवाली, मुंगेशपुर और कुतुबगढ़ शामिल हैं। नरेला में एक सब-स्टेशन भी स्थापित किया जाएगा।
पहले भूमि मूल्यांकन और मुआवजा दर को लेकर कई दौर की चर्चा के बावजूद सहमति नहीं बन पाई थी, जिससे परियोजना में देरी की संभावना बनी थी। अब किसानों को मुआवजा मिलने के बाद भी उनकी जमीन पर अधिकार रहेगा।
मुख्यमंत्री ने एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें PGCIL, दिल्ली सरकार के राजस्व और विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार किसानों के हितों की पूरी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और स्थानीय समुदाय के विश्वास और सहभागिता के बिना कोई परियोजना सफल नहीं हो सकती।
सीएम ने कहा, “हमने सुनिश्चित किया है कि किसानों को उनकी जमीन के उचित और न्याय संगत मुआवजा मिले।” इस पहल के बाद कई गांवों में भूमि मूल्यांकन और मुआवजा पर सहमति बन गई है, और अन्य गांव भी इस दिशा में अग्रसर हैं।
नीति और नेतृत्व से दिल्ली की विद्युत आपूर्ति अधिक विश्वसनीय और मजबूत होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये निर्णय न केवल किसानों के अधिकारों के प्रति न्याय सुनिश्चित करता है, बल्कि परियोजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए भी महत्वपूर्ण है।
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