नई दिल्ली, 18 जुलाई (PTI) — दिल्ली के 45 से अधिक स्कूलों और तीन कॉलेजों में शुक्रवार को ईमेल के माध्यम से बम धमकी भेजी गई, जिससे छात्रों, अभिभावकों और स्कूल प्रशासन में भारी दहशत फैल गई। हालांकि बाद में यह धमकियाँ असली नहीं बल्कि फर्जी निकलीं, लेकिन तब तक पूरे शहर का माहौल तनावपूर्ण बन चुका था।
यह इस सप्ताह का चौथा घटनाक्रम था जब दिल्ली के शैक्षणिक संस्थानों को बम धमकी का सामना करना पड़ा। लगातार हो रही घटनाओं से चिंतित कई अभिभावकों ने शुक्रवार को अपने बच्चों को स्कूल ना भेजना ही बेहतर समझा।
पश्चिम विहार स्थित रिचमंड स्कूल के छात्र की मां परमिता शर्मा ने कहा:
“मैंने आज अपने बेटे को स्कूल नहीं भेजा। घबराहट की बात नहीं है, लेकिन इतनी बार जब ऐसे मामले हो रहे हैं, तो इंतजार करना ज़्यादा सुरक्षित लगता है।”
कई अभिभावकों को काम के बीच स्कूल भागना पड़ा, जब उन्हें स्कूलों से धमकी की सूचना मिली।
द्वारका स्थित सेंट थॉमस स्कूल के एक छात्र के पिता ने कहा:
“भले ही धमकियाँ झूठी हों, लेकिन जो डर और तनाव पैदा होता है, उसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। ना तो हम काम पर ध्यान दे पाते हैं, और ना ही बच्चे सामान्य रह पाते हैं। यह एक भावनात्मक उथल-पुथल है।”
पुलिस, बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वाड और अग्निशमन विभाग तत्काल सभी प्रायोगिक स्थलों पर पहुँच गए। स्कूल-कॉलेजों को खाली कराया गया और पूरे परिसर की गहन तलाशी ली गई। तलाशी के बाद सब कुछ सुरक्षित पाया गया और धमकियों को फर्जी घोषित किया गया।
धमकियाँ और उनका स्वरूप
धमकी भरे ईमेल में कक्षा के अंदर प्लास्टिक बैग में विस्फोटक (TNT) छिपाकर रखने की बात कही गई थी।
ईमेल में लिखा था:
“मैंने स्कूल की कक्षाओं में कई विस्फोटक उपकरण छिपा दिए हैं… मैं एक भी जीवित आत्मा नहीं छोड़ूंगा। जब आपके बच्चों की ठंडी, क्षत-विक्षत लाशें टीवी पर दिखेंगी, तब मैं हँसूंगा।”
ईमेल में यह भी कहा गया था कि धमकी भेजने वाला व्यक्ति हमले के बाद आत्महत्या कर लेगा।
पुलिस जांच और साइबर ट्रेसिंग
दिल्ली पुलिस की साइबर टीम ने इन ईमेल्स की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए ट्रैकिंग शुरू कर दी है। कुछ पूर्व मामलों में पता चला है कि ऐसे फर्जी ईमेल भेजने में नाबालिग छात्रों की संलिप्तता भी रही है। इस सप्ताह की एक घटना में 12 वर्षीय एक छात्र को परामर्श के लिए हिरासत में लिया गया था।
प्रभावित विद्यालय और कॉलेज
इन धमकियों का प्रभाव पूरे दिल्ली में फैला:
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द्वारका: सेंट थॉमस स्कूल, जीडी गोयंका, डीआईएस एज, मॉडर्न इंटरनेशनल स्कूल, द्वारका इंटरनेशनल स्कूल, ला पेटिट मांटेसरी
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रोहिणी: एमआरजी स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल (सेक्टर 24), हेरिटेज स्कूल, अभिन्नव स्कूल
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पश्चिम विहार: रिचमंड स्कूल, डून पब्लिक स्कूल
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पितमपुरा: मैक्सफोर्ट जूनियर स्कूल, गुरु नानक स्कूल
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दक्षिण दिल्ली: समरफील्ड इंटरनेशनल स्कूल, डीपीएस मथुरा रोड, एमिटी इंटरनेशनल (साकेत), कैम्ब्रिज फाउंडेशन स्कूल (राजौरी गार्डन), ब्रिटिश स्कूल (चाणक्यपुरी)
कॉलेजों में: इंद्रप्रस्थ कॉलेज फॉर वुमेन, हिंदू कॉलेज और श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) को निशाना बनाया गया।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इस संपूर्ण घटनाक्रम को लेकर पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री आतिशी ने भाजपा सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा:
“आज 20 से भी अधिक स्कूलों को बम धमकी मिली है! सोचिए, बच्चों, उनके माता-पिता और शिक्षकों पर क्या बीत रही होगी?”
“दिल्ली में शासन के चारों इंजन बीजेपी के पास हैं, फिर भी वे बच्चों को सुरक्षा देने में असमर्थ हैं — यह बेहद चौंकाने वाला है।”
कानूनी कार्यवाही और सुरक्षा उपाय
फर्जी बम धमकी देना भारतीय दंड संहिता और नये भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत अपराध है, जिसके तहत कारावास और भारी जुर्माना लग सकता है। नाबालिग पाए जाने पर उन्हें परामर्श और जरूरी सुधार प्रक्रिया से गुजारा जाएगा, लेकिन गंभीर मामलों में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के प्रावधान भी लागू किए जा सकते हैं।
इस सप्ताह दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियों ने 10 स्थानों पर मॉक ड्रिल (आश्चर्य अभ्यास) कर आपात स्थिति के लिए तैयारियों की समीक्षा की थी।
पुलिस ने आश्वासन दिया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करने वाले आरोपी जल्द पकड़ में लाए जाएंगे और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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