I-PAC विवाद: ईडी कार्रवाई के खिलाफ ममता बनर्जी सड़कों पर उतरीं, कोलकाता में विरोध मार्च का नेतृत्व

**EDS: THIRD PARTY IMAGE** In this image posted on Jan. 5, 2026, West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee addresses a gathering during laying of the foundation stone for the 'Gangasagar Setu', a nearly 5-km-long bridge over the Muriganga river to connect Sagar Island. (@AITCofficial/X via PTI Photo)(PTI01_05_2026_000182B)

कोलकाता, 9 जनवरी (PTI) — पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को राजनीतिक सलाहकार संस्था I-PAC से जुड़े प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के खिलाफ दक्षिण कोलकाता में एक विशाल विरोध मार्च का नेतृत्व किया। 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस रैली के जरिए अपनी सड़कीय ताकत का प्रदर्शन किया।

8बी बस स्टैंड से हाजरा मोड़ तक पैदल मार्च के दौरान ममता बनर्जी के साथ वरिष्ठ मंत्री, सांसद, विधायक और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। नारेबाजी कर रही भीड़ ने भाजपा-नीत केंद्र सरकार पर “राजनीतिक बदले की भावना से केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग” का आरोप लगाया।

यह विशाल रैली एक दिन पहले I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास पर ईडी की छापेमारी के दौरान ममता बनर्जी की अचानक मौजूदगी के बाद निकाली गई, जिसने केंद्र और राज्य के बीच टकराव को और तेज कर दिया है।

हालांकि, इस मार्च में एक स्पष्ट बंगाली सांस्कृतिक रंग भी देखने को मिला। पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रख्यात गीतकार प्रतुल मुखोपाध्याय का प्रसिद्ध गीत ‘आमी बांग्लाय गान गाई’ गाया, जबकि महिलाओं ने शंखनाद कर विरोध प्रदर्शन को राजनीतिक प्रतिरोध के साथ-साथ उत्सव जैसा स्वरूप दे दिया।

अपनी पारंपरिक सफेद सूती साड़ी, शॉल और चप्पलों में ममता बनर्जी जुलूस के आगे-आगे चलती रहीं। वह बीच-बीच में सड़क के दोनों ओर खड़े लोगों की ओर हाथ हिलाकर अभिवादन करती दिखीं, जिनमें से कई अपने मोबाइल फोन से इस पल को रिकॉर्ड कर रहे थे।

रैली में अभिनेता और सांसद देव तथा अभिनेता-राजनेता सोहम चक्रवर्ती समेत बंगाली फिल्म और टीवी जगत की कई चर्चित हस्तियां भी शामिल हुईं। उनकी मौजूदगी से माहौल और जोशीला हो गया और राजनीति व सिनेमा के बीच की रेखा धुंधली होती नजर आई, जिसे TMC लगातार अपनाती रही है।

TMC नेताओं के मुताबिक, यह मार्च राज्यभर में होने वाले आंदोलनों की श्रृंखला का पहला कदम है। इससे साफ संकेत मिलता है कि ममता बनर्जी राजनीतिक लड़ाई को अब सिर्फ अदालतों और बैठकों तक सीमित न रखकर सड़कों पर ले जाने की तैयारी में हैं — वह मंच जहां उनकी राजनीति, प्रतीकों और जनसंपर्क की ताकत के साथ, सबसे प्रभावी साबित होती है।

श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़

SEO टैग्स: #स्वदेशी, #न्यूज़, I-PAC विवाद, ममता बनर्जी विरोध मार्च, ईडी कार्रवाई, कोलकाता राजनीतिक प्रदर्शन