पिछले 11 वर्षों में भारत ने पारदर्शी, संवेदनशील और नागरिक-केंद्रित शासन मॉडल का अनुभव किया: प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली, 6 अगस्त (PTI) — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार पूरे देश में बुनियादी ढांचे को पुनर्जीवित करने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण के साथ काम कर रही है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि भारत ने पिछले 11 वर्षों में एक ऐसा शासन मॉडल देखा है जो पारदर्शी, संवेदनशील और नागरिक-केंद्रित है।

प्रधानमंत्री ने यह बात कर्तव्य पथ पर एक कार्यक्रम में कही, जहां उन्होंने 10 आधुनिक कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट भवनों में से पहला ‘कर्तव्य भवन’ का उद्घाटन किया। ये भवन सभी मंत्रालयों के कार्यालयों को एक छत्र के नीचे लाने का प्रतीक हैं और भारत की वैश्विक दृष्टि को दर्शाते हैं।

उन्होंने बताया कि दशकों तक भारत की प्रशासनिक व्यवस्था ब्रिटिश कालीन भवनों में चलती रही, जिनमें कार्य की सुविधाएं कमजोर थीं, जैसे कि अपर्याप्त जगह, प्रकाश और हवा का आना-जाना। आज इन हालात में सुधार करते हुए आधुनिक भवन निर्मित किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमें मिलकर ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत की सफलता कहानी लिखनी है। यह हमारा संकल्प होना चाहिए कि हम अपनी और देश की उत्पादकता को बढ़ाएंगे।”

उन्होंने ‘कर्तव्य भवन’ को राष्ट्र के सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया, जो विकसित भारत की नीतियों और दिशा को मार्गदर्शन देगा।

प्रधानमंत्री ने यह भी माना कि भारत वह प्रगति उसी गति से नहीं कर पाया जैसा कई अन्य देशों ने किया, जिन्हें आज़ादी उसी समय मिली थी। इसलिए यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम वर्तमान समस्याओं को भविष्य की पीढ़ियों पर ना छोड़ें।

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