झारखंड विधानसभा के स्पीकर ने बार-बार कार्यवाही में व्यवधान को लेकर जताई चिंता; विशेष सत्र को साइन डाय (sine die) के लिए स्थगित किया

रांची, 28 अगस्त (PTI) – झारखंड विधानसभा के स्पीकर रबिंद्रनाथ महतो ने गुरुवार को चार दिवसीय मानसून सत्र के दौरान निरंतर व्यवधान पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने सदन को साइन डाय (किसी निर्धारित तारीख के बिना स्थगित) कर दिया और सदस्यों से आग्रह किया कि कम से कम प्रश्नकाल के दौरान जनता की आवाज़ को प्राथमिकता दी जाए।

महतो ने कहा, “सदन की कार्यवाही के दौरान एक पीड़ा भरा परिणाम सामने आता है कि कई सदस्य अक्सर अपनी पार्टी के निर्देशों को जनता और स्थानीय मुद्दों पर अपने दायित्व से पहले रखते हैं।”

सत्र के दौरान प्रश्नकाल पूरी तरह से प्रभावित रहा क्योंकि विपक्ष और शासक दल दोनों के सदस्यों ने आवाजाही बढ़ा दी।

स्पीकर ने कहा, “जब हम निर्वाचित प्रतिनिधि जनता की अपेक्षाओं को नजरअंदाज कर केवल पार्टी के आदेशों का पालन करते हैं, तो यह न तो इस सदन के लिए और न ही लोकतंत्र के लिए उचित है। लोकतांत्रिक संस्थानों की गरिमा तभी बनी रह सकती है जब हर सदस्य निष्पक्षता के साथ जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं।”

महतो ने सदस्यों से अपील की कि वे पार्टी की राजनीति से ऊपर उठकर कम से कम प्रश्नकाल में जनता की आवाज को प्राथमिकता दें।

22 अगस्त से शुरू हुए इस चार दिवसीय सत्र में 324 प्रश्न मंजूर किए गए, जिनमें 107 शॉर्ट नोटिस प्रश्न, 183 स्टार प्रश्न और 34 अनस्टार प्रश्न शामिल थे। इसके अलावा 70 जीरो आवर नोटिस और 34 निजी सदस्य विधेयक भी प्राप्त हुए।

विधानसभा में एक अतिरिक्त बजट और पांच प्रमुख विधेयक भी पारित किए गए।

सत्र में एकमत से एक प्रस्ताव भी पारित किया गया, जिसमें केंद्र सरकार को पूर्व मुख्यमंत्री व आदिवासी नेता शिबू सोरेन के लिए भारत रत्न प्रदान करने का सुझाव दिया गया।

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