झारखंड विधानसभा ने 5 प्रमुख बिलों को वॉयस वोट से पारित किया

रांची, 26 अगस्त (PTI) – झारखंड विधानसभा ने मंगलवार को वॉयस वोट के जरिए पांच महत्वपूर्ण बिलों को मंजूरी दे दी, जिनमें राज्य संचालित विश्वविद्यालयों से संबंधित एक बिल भी शामिल है।

लंच ब्रेक के बाद उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने विधानसभा में झारखंड स्टेट यूनिवर्सिटी बिल, 2025 पेश किया। यह बिल सभी विश्वविद्यालयों के लिए एक छत्र कानून बनाने का प्रयास करता है, जिसमें मेडिकल और कृषि विश्वविद्यालय शामिल नहीं हैं। भाजपा ने इस बिल का विरोध किया।

बीजेपी के हाटिया विधायक नवीन जयसवाल ने आरोप लगाया कि यह बिल राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित है और इसका उद्देश्य राज्यपाल के अधिकारों को कम करना है। उन्होंने इसे चयन समिति को भेजने का आग्रह किया, लेकिन यह प्रस्ताव वॉयस वोट से खारिज कर दिया गया।

सुदिव्य कुमार ने जवाब में कहा कि यह बिल विभिन्न विभागों द्वारा जांचा गया है और उच्च शिक्षा में सुधार लाने में मदद करेगा। चर्चा के बाद बिल वॉयस वोट से पारित हो गया।

बिल के अनुसार, उपकुलपतियों की नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा निर्धारित पात्रता मापदंडों के अनुसार की जाएगी।

साथ ही विधानसभा ने झारखंड प्रोफेशनल एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन (फीस रेगुलेशन) बिल, 2025 और झारखंड कोचिंग सेंटर (नियंत्रण और विनियमन) बिल, 2025 को पारित किया, जो पारदर्शिता लाने और शोषणकारी शैक्षिक प्रथाओं को रोकने का लक्ष्य रखते हैं।

श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव ने झारखंड प्लेटफ़ॉर्म-आधारित गिग वर्कर्स (पंजीकरण और कल्याण) बिल, 2025 पेश किया, जो गिग कर्मचारियों को दुर्घटना बीमा कवर और पेंशन जैसी सुविधाएं प्रदान करने के लिए है, इसे भी वॉयस वोट से पारित किया गया।

इसके अलावा, झारखंड माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज (स्पेशल एक्सेम्पशन) बिल, 2025 भी पारित किया गया जो राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने का उद्देश्य रखता है।

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