ODF प्लस कवरेज में तेज उछाल: 2022 से अब तक 467% की बढ़ोतरी, देश के 5.67 लाख गाँव ODF प्लस घोषित

New Delhi: Union Minister of Housing and Urban Affairs Manohar Lal, Union Minister of Jal Shakti C R Patil, South Africa Deputy Minister of Water and Sanitation Mbangiseni David Mahlobo and others during the World Toilet Summit 2025, in New Delhi, Wednesday, Nov. 19, 2025. (PTI Photo/Karma Bhutia)(PTI11_19_2025_000102B)

नई दिल्ली, 19 नवंबर (PTI) — देशभर में लगभग 5.67 लाख गाँव अब ‘ODF प्लस’ के रूप में घोषित किए जा चुके हैं। यह संख्या 2022 में 1 लाख से बढ़कर 467 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाती है। यह जानकारी जल शक्ति मंत्रालय ने विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर बुधवार को जारी की।

इनमें से 4.86 लाख गाँव ‘ODF प्लस मॉडल’ चरण पर पहुँच चुके हैं, जिसका अर्थ है कि ये गाँव खुले में शौच से मुक्त स्थिति को कायम रखते हुए ठोस और तरल कचरे का प्रबंधन करते हैं और साफ-सफाई को दृश्यमान रूप से बनाए रखते हैं।

जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने कहा कि यह परिवर्तन पूरे देश की भागीदारी और सरकार के लगातार समर्थन की वजह से संभव हुआ है। उन्होंने बताया कि केंद्र ने ग्रामीण और शहरी भारत में 12 करोड़ से अधिक शौचालयों के निर्माण में राज्यों की मदद की।

उन्होंने कहा, “ज़िम्मेदारी राज्य सरकारों की थी, और केंद्र ने पूरे देश में 12 करोड़ शौचालय बनाकर उन्हें सहायता दी।”

पाटिल ने बताया कि व्यापक शौचालय व्यवस्था ने लोगों के व्यवहार में बड़ा बदलाव लाया है।

अधिकृत आंकड़ों के अनुसार, भारत के 95 प्रतिशत से अधिक गाँव ODF प्लस घोषित किए जा चुके हैं। दिसंबर 2022 के 1 लाख की तुलना में यह संख्या बढ़कर 5.67 लाख हो गई है। वहीं ODF प्लस मॉडल गाँव 4,85,818 तक पहुँच चुके हैं।

“करोड़ों लोग जो पहले खुले में शौच करते थे, उन्होंने अब ऐसा करना पूरी तरह बंद कर दिया है,” उन्होंने कहा और स्वच्छ भारत मिशन को स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने का श्रेय दिया।

मंत्री ने बताया कि बेहतर स्वच्छता ने बच्चों के जीवन की रक्षा भी की है।

उन्होंने कहा, “स्वच्छता ने लगभग 3 लाख बच्चों की जान बचाई है।” केंद्र सरकार शौचालयों के रखरखाव और स्वच्छता ढांचे के संचालन को आगे भी वित्तीय सहायता देती रहेगी।

विश्व शौचालय दिवस (19 नवंबर) दुनिया भर में सुरक्षित और टिकाऊ स्वच्छता की आवश्यकता को उजागर करता है, जो सतत विकास लक्ष्य-6 का प्रमुख हिस्सा है।

2014 में स्वच्छ भारत मिशन शुरू होने के बाद से भारत ने खुले में शौच से मुक्ति के लक्ष्य को पूरा करने के बाद ऐसी प्रणालियाँ विकसित की हैं जो गाँवों और शहरों को स्वच्छ रखती हैं, कचरे का प्रबंधन करती हैं और जल स्रोतों की रक्षा करती हैं।

SBM–ग्रामीण चरण II के तहत अधिकतर गाँव अब ODF स्थिति को बनाए रखने, कचरा प्रबंधन सुधारने और स्वच्छता पहलों को बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं।

शहरी स्वच्छता में भी लक्ष्य से अधिक उपलब्धि मिली है — 63.7 लाख से ज्यादा घरों में शौचालय बनाए गए हैं, जो मिशन लक्ष्य के 108 प्रतिशत के बराबर है। सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों का लक्ष्य भी 125 प्रतिशत से अधिक पार हो चुका है।

पाटिल ने बताया कि जल जीवन मिशन और AMRUT जैसी योजनाओं ने सीवरेज नेटवर्क, सेप्टेज प्रबंधन और पाइप्ड पानी की आपूर्ति का विस्तार कर स्वच्छता के परिणामों को और मजबूत किया है।

— PTI UZM NB

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