नई दिल्ली, 11 अगस्त (पीटीआई) – विपक्षी सांसदों ने सोमवार को बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ संसद भवन से चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च निकाला, लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच में ट्रांसपोर्ट भवन के पास रोक दिया।
इस मार्च में मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, शरद पवार, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव, संजय राऊत, डेरेक ओ’ब्रायन, टी आर बालू समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए। सांसद सफेद टोपी पहने हुए थे, जिन पर ‘SIR’ और “वोट चोरी” के शब्दों पर लाल क्रॉस का निशान बना था।
मार्च शुरू करने से पहले संसद के मकर द्वार पर सांसदों ने राष्ट्रगान गाया। पुलिस ने संसद मार्ग पर ट्रांसपोर्ट भवन के पास बैरिकेड लगाकर सांसदों को आगे बढ़ने से रोक दिया और लाउडस्पीकर से घोषणा की कि वे EC दफ्तर की ओर नहीं जा सकते।
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और सुष्मिता देव तथा कांग्रेस की संजना जाटव और जोथिमणि ने बैरिकेड पर चढ़कर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों के बैनरों पर लिखा था – “SIR + वोट चोरी = लोकतंत्र की हत्या” और “SIR – लोकतंत्र पर वार”। कई सांसदों ने “SIR पर चुप्पी क्यों” और “EC-सरकार मिलीभगत” के आरोप वाले पोस्टर भी थाम रखे थे।
विपक्ष का आरोप है कि SIR के जरिए बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं को सूची से बाहर किया जा रहा है। इस मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में लगातार हंगामा हो रहा है और मॉनसून सत्र (21 जुलाई से शुरू) में कार्यवाही बार-बार बाधित हुई है।
अब तक केवल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा हो पाई है, बाकी समय SIR के मुद्दे पर गतिरोध से सदन में कामकाज बेहद कम हुआ है।
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