एसआईआर और ‘वोट चोरी’ के खिलाफ विपक्ष का मार्च, बोला – चुनाव आयोग बने ‘चुराओ आयोग’ नहीं

नई दिल्ली, 11 अगस्त (पीटीआई) – बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) और कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ विपक्षी सांसदों ने सोमवार को संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला। इस मार्च में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, शरद पवार समेत कई नेता शामिल हुए। पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में रोककर कुछ देर के लिए हिरासत में ले लिया।

सांसद सफेद कैप और ‘SIR’ व ‘वोट चोरी’ लिखी हुई तख्तियां लेकर चल रहे थे। महुआ मोइत्रा, संजना जातव और जयोतिमणि समेत कई महिला सांसद बैरिकेड पर चढ़ गईं। मार्च के दौरान महुआ मोइत्रा और मिताली बाग बेहोश हो गईं, जिनकी मदद राहुल गांधी ने की।

राहुल गांधी ने कहा, “यह लड़ाई राजनीतिक नहीं बल्कि संविधान, ‘वन मैन, वन वोट’ और साफ-सुथरी मतदाता सूची के लिए है।” उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक के महादेवपुरा क्षेत्र में 1 लाख से अधिक वोट चोरी हुए। मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे लोकतंत्र बचाने की जंग करार देते हुए कहा, “बीजेपी की तानाशाही नहीं चलेगी।”

प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार को ‘डरपोक’ बताया, वहीं जयराम रमेश ने कहा, “चुनाव आयोग, चुनाव आयोग है, ‘चुराओ आयोग’ नहीं बन सकता।”

बीजेपी ने आरोपों को खारिज करते हुए विपक्ष के मार्च को देश में अराजकता फैलाने की “सुनियोजित रणनीति” बताया। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी के आरोपों को झूठा बताया और उन पर “राष्ट्रविरोधी ताकतों के दबाव में” काम करने का आरोप लगाया।

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