संसदीय समिति ने दिव्यांगजन मामलों के विभाग को फंड के कम उपयोग पर फटकार लगाई, प्रमुख योजनाओं में त्वरित सुधार की मांग

नई दिल्ली, 11 अगस्त (पीटीआई) – सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता संबंधी स्थायी समिति ने दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD) को कल्याणकारी योजनाओं में लगातार फंड का कम उपयोग करने पर कड़ी आलोचना की है और चेतावनी दी है कि यदि त्वरित और लक्षित सुधार नहीं किए गए, तो चालू वित्तीय वर्ष के लक्ष्य अधूरे रह सकते हैं।

सोमवार को संसद में पेश 2024-25 की अनुदान मांगों पर सरकारी कार्रवाई की नौवीं रिपोर्ट में समिति ने 2021-22 से 2023-24 के दौरान ADIP, SIPDA, DDRS और दिव्यांग छात्रवृत्ति योजनाओं में फंड के लगातार कम उपयोग पर चिंता जताई।

SIPDA में राज्यों और एजेंसियों से प्रस्तावों में देरी, उपयोगिता प्रमाण पत्र की लंबित स्थिति, Treasury Single Account प्रणाली से जुड़ी अड़चनें और खासकर पूर्वोत्तर से पर्याप्त प्रस्तावों की कमी को प्रमुख कारण बताया गया।

समिति ने समयबद्ध, योजना-वार सुधारात्मक कार्ययोजना, रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, क्षेत्र-विशेष विश्लेषण और मजबूत जवाबदेही तंत्र की सिफारिश की।

Accessible India Campaign (AIC) की धीमी प्रगति पर भी समिति ने चिंता जताई। उसका कहना है कि क्राउडसोर्सिंग ऐप्स और वॉलंटियर पर निर्भरता, ठोस नीति-आधारित क्रियान्वयन और वित्तीय जवाबदेही का विकल्प नहीं हो सकती। उसने मिशन मोड में तय समयसीमा और राज्यों के लिए प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन लागू करने की पैरवी की।

ADIP योजना में 2024-25 के लिए 3.15 लाख लाभार्थियों का लक्ष्य महंगे उपकरणों (जैसे मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, हाई-एंड कृत्रिम अंग) की बढ़ती मांग के कारण पूरा नहीं हो सका। समिति ने भविष्य में लचीला और लागत-संवेदी लक्ष्य निर्धारण सुझाया।

समिति ने NAP-SDP के तहत IIT खड़गपुर, काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर और अमेज़न, जोमैटो जैसी कंपनियों से सहयोग की सराहना की, लेकिन क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र बढ़ाने और PM-DAKSH-DEPwD पोर्टल के जरिए कस्टमाइज्ड ट्रेनिंग व रोजगार विकल्प देने की सिफारिश की।

ALIMCO के आधुनिकीकरण, प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्रों के विस्तार और शिक्षा पाठ्यक्रम में सुलभता को शामिल करने के प्रयासों को सकारात्मक बताते हुए समिति ने कहा कि इसके साथ समय पर फंड वितरण, प्रोजेक्ट की स्वीकृति और जमीनी परिणाम भी सुनिश्चित करने होंगे।

समिति ने मंत्रालय को लंबित सिफारिशों पर अंतिम एक्शन-टेकन नोट तीन महीने में जमा करने का निर्देश दिया।

श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़

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