सड़क से भिखारियों को हटाने में जनसहयोग ज़रूरी: केंद्रीय मंत्री

नई दिल्ली, 12 अगस्त (पीटीआई) – केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने मंगलवार को कहा कि भारत की सड़कों से भिखारियों को हटाने के लिए समाज का मजबूत जनसहयोग जरूरी है। उन्होंने इसके उदाहरण के रूप में वाराणसी और इंदौर का जिक्र किया।

‘लास्ट बेगर’ नामक पुस्तक के विमोचन समारोह में, जिसे बेगर्स कॉरपोरेशन के संस्थापक डॉ. चंद्र मिश्रा ने लिखा है, कुमार ने बताया कि वाराणसी में लोगों को व्यापारिक प्रशिक्षण और रोजगारोन्मुखी गतिविधियों से जोड़ने के बाद उन्होंने भीख मांगना छोड़ दिया।

उन्होंने कहा, “आज उनमें से कुछ पंजीकृत GST करदाता हैं और ₹35,000 से ₹40,000 प्रति माह कमा रहे हैं। वे अब समाज पर निर्भर नहीं हैं… बल्कि दूसरों को रोजगार दे रहे हैं।”

कुमार ने बताया कि इंदौर में स्थानीय लोग, स्वयंसेवी संस्थाएं और नगर निगम मिलकर पुनर्वासित भिखारियों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मंत्रालय की SMILE योजना (Support for Marginalized Individuals for Livelihood and Enterprise) भिखारियों और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की पहचान, आश्रय, कौशल प्रशिक्षण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है।

कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमणियन ने इसे “एक सराहनीय प्रयास” बताया और भिखारियों की गरिमा बनाए रखने के लिए “beggar” के स्थान पर वैकल्पिक शब्द इस्तेमाल करने की सलाह दी।

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