सेरायकेला (झारखंड), 30 अगस्त (PTI) – झारखंड पुलिस ने एक निजी फर्म द्वारा प्रशिक्षण और नौकरी का झांसा देकर अवैध रूप से बंदी बनाए गए 62 युवाओं को बचाया है। इस मामले में बिहार के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, कंपनी के कर्मचारियों द्वारा युवाओं को प्रताड़ित कर बंदी बनाए रखने की सूचना मिलने पर पुलिस ने छापेमारी की। यह छापेमारी सेरायकेला-खरसावां जिले के चंडिल थाना क्षेत्र के कपाली के तमोलिया क्षेत्र में किराए के मकानों में की गई।
चंडिल के उप- पुलिस अधीक्षक (SDPO) अरविंद बिन्हा ने बताया कि युवाओं को तीन किराए के घरों में बंदी बनाकर शोषित किया जा रहा था।
पुलिस ने फर्म के पर्यवेक्षक और अन्य संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया। ये तीनों बिहार के भागलपुर और गया जिले के निवासी हैं।
पुलिस ने फर्म के 33 दस्तावेजों को भी जब्त किया है।
गिरफ्तार आरोपियों को शनिवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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