जुलाई में खुदरा महंगाई 8 साल के निचले स्तर 1.5% पर, RBI के आरामदायरे से नीचे गई

नई दिल्ली, 12 अगस्त (पीटीआई) – सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जुलाई 2025 में खुदरा मुद्रास्फीति (CPI आधारित) घटकर 1.55% पर आ गई, जो पिछले 8 साल का न्यूनतम स्तर है और जनवरी 2019 के बाद पहली बार भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के तय आरामदायरे (2-6%) से नीचे गई है। इसकी मुख्य वजह खाद्य पदार्थों की कीमतों में नरमी और अनुकूल आधार प्रभाव (Base Effect) रही।

जून 2025 में खुदरा महंगाई 2.1% और जुलाई 2024 में 3.6% थी। यह स्तर जून 2017 के बाद सबसे कम है, जब मुद्रास्फीति 1.46% थी।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के अनुसार, जुलाई में हेडलाइन और खाद्य महंगाई में कमी मुख्यतः दालों, परिवहन एवं संचार, सब्ज़ियों, अनाज, शिक्षा, अंडा, चीनी और कन्फेक्शनरी की कीमतों में गिरावट से हुई।

मुख्य आंकड़े:

साल-दर-साल खाद्य महंगाई: -1.76% (जनवरी 2019 के बाद सबसे कम)

ग्रामीण महंगाई: 1.18%

शहरी महंगाई: 2.05%

सर्वाधिक महंगाई: केरल (8.89%), जम्मू-कश्मीर (3.77%), पंजाब (3.53%)

न्यूनतम CPI: असम (-0.61%)

विशेषज्ञों की राय:

अदिति नायर, मुख्य अर्थशास्त्री, इक्रा: खाद्य कीमतों में गिरावट से CPI में कमी आई, हालांकि सब्जियों की कीमतें अप्रत्याशित रूप से बढ़ीं। चौथी तिमाही FY2026 और पहली तिमाही FY2027 में 4% से ऊपर के स्तर से दर कटौती की गुंजाइश सीमित होगी।

पारस जसारई, एसोसिएट डायरेक्टर, इंडिया रेटिंग्स: सामान्यतः लक्ष्य दायरे से नीचे CPI चिंता का विषय होता, लेकिन कोर महंगाई 4.1% रही, जिससे मांग स्थिर दिखती है।

RBI का दृष्टिकोण:

इस महीने RBI ने रेपो रेट 5.5% पर बनाए रखा और फरवरी से अब तक कुल 100 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है। गवर्नर संजय माल्होत्रा ने संकेत दिया कि आधार प्रभाव और मांग कारकों से FY2025-26 की चौथी तिमाही में CPI 4% से ऊपर जा सकता है।

श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़

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