दिल्ली विधानसभा में ‘फांसी घर’ विवाद: दिल्ली मुख्यमंत्री ने AAP के दावों की जांच की मांग की

नई दिल्ली, 6 अगस्त (PTI) — दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि दिल्ली विधानसभा परिसर में ‘फांसी घर’ के अस्तित्व को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के दावों की जांच होनी चाहिए और उस पर खर्च किए गए लगभग 1 करोड़ रुपये वापस लिए जाने चाहिए। उन्होंने इसे AAP द्वारा फैलाई गई झूठी खबर बताया और कहा कि इस बारे में सच्चाई सामने लानी जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “फांसी घर कोई और नहीं बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा फैलाया गया झूठ है। दिल्ली में एक ऑल-इंडिया स्पीकर कॉन्फ्रेंस होगी, उससे पहले इन झूठों को खत्म करना होगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल जिनके पास ‘ड्रामा और साइकोलॉजी’ में कई डिग्रियां हैं, लोगों की भावनाओं से खेलना अच्छी तरह से जानते हैं।

वहीं दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने स्पष्ट किया कि यह संरचना जो 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा उद्घाटित की गई थी, वास्तव में एक “टिफिन रूम” है, न कि ब्रिटिश काल में फांसी के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला स्थान। उन्होंने बताया कि इस भवन में दो ऐसे टिफिन रूम थे जिनमें पुली संचालित लिफ्ट लगी थी और यह भवन ब्रिटिश दौर में इंपीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल का हिस्सा था।

स्पीकर ने यह भी कहा कि भवन का नक्शा, जिसमें हर कमरे का विवरण है, राष्ट्रीय अभिलेखागार में सुरक्षित है और यह स्पष्ट रूप से टिफिन रूम की उपस्थिति दर्शाता है न कि फांसी घर की।

यह विषय विधानसभा में गंभीर चर्चा का केंद्र बना हुआ है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री पर इतिहास तोड़-मोड़ करने और जनता को गुमराह करने के आरोप लगे हैं।

इस बीच, मुख्यमंत्री ने विधानसभा परिसर में कथित ‘फांसी घर’ पर किए गए व्यय को लेकर भी कड़ी कार्रवाई की मांग की है और सार्वजनिक धन की हानि को रोकने की जरूरत बताई है।

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