जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा

नई दिल्ली, 14 अगस्त (पीटीआई) – सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग करने वाली याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा।

मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ (CJI) और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने यह भी संज्ञान लिया कि केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि “निर्णय लेने की प्रक्रिया में कई प्रकार के विचार शामिल होते हैं।”

यह याचिका शैक्षणिक ज़हूर अहमद भट और सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता अहमद मलिक द्वारा दायर की गई है, जिसे अदालत ने आठ सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।

जब याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने जल्दी सुनवाई का अनुरोध किया, तो मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “आप पहलगाम में जो हुआ उसे नजरअंदाज नहीं कर सकते… यह संसद और कार्यपालिका का निर्णय है।”

गौरतलब है कि 11 दिसंबर 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने सर्वसम्मति से अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के फैसले को बरकरार रखा था, जिसने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा दिया था। साथ ही, अदालत ने केंद्र को सितंबर 2024 तक विधानसभा चुनाव कराने और राज्य का दर्जा जल्द से जल्द बहाल करने का निर्देश दिया था।

पिछले साल शीर्ष अदालत में एक याचिका दायर कर केंद्र को दो महीने के भीतर जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।

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