नई दिल्ली, 7 अगस्त (PTI) — स्वायत्त निकाय में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा दी गई सेवा को केंद्र सरकार में ग्रेच्युटी (सेवानिवृत्ति भत्ता) प्रदान करने के लिए गिनती में शामिल किया जाएगा, यह जानकारी राज्यसभा को गुरुवार को दी गई।
पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) ने केंद्रीय सरकारी नागरिक कर्मचारियों के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत ग्रेच्युटी भुगतान नियम, 2021 को अधिसूचित किया है, जिसे केंद्रीय कर्मचारी संसाधन मंत्री जितेंद्र सिंह ने लिखित उत्तर में बताया।
ये नियम स्वायत्त निकायों के कर्मचारियों पर स्वयंस्फूर्त रूप से लागू नहीं होते हैं।
हालांकि, DoPPW ने 12 फरवरी, 2020 को जारी कार्यालय ज्ञापन (OM) संख्या 7/5/2012-P&PW(F)/B के माध्यम से यह प्रावधान किया है कि यदि कोई कर्मचारी राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) से जुड़े स्वायत्त निकाय से उचित अनुमति लेकर और तकनीकी इस्तीफा देकर केंद्र सरकार में नियुक्त होता है, तो स्वायत्त निकाय में उसकी सेवा अवधि भी केंद्रीय सरकार में ग्रेच्युटी देने के लिए गिनी जाएगी।
ग्रेच्युटी का भुगतान, ब्याज का भुगतान या सेवा अवधि की गणना स्वायत्त निकायों के अपने विशेष नियमों पर निर्भर करता है, क्योंकि DoPPW के नियम स्वायत्त निकायों के कर्मचारियों पर स्वचालित रूप से लागू नहीं होते हैं।
मंत्री ने बताया कि एक NPS कर्मचारी जो स्वायत्त निकाय से केंद्र सरकार में स्थानांतरित होता है और जिसके पास उचित अनुमति और तकनीकी इस्तीफा होता है, उसे अपनी पूर्व सेवा को छोड़ने या केंद्रीय सरकार में ग्रेच्युटी पाने से इंकार करने का विकल्प होता है।
इस निर्णय का स्वागत ऑल इंडिया NPS एंप्लॉईज फेडरेशन के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल ने किया और कहा कि इससे कर्मचारियों के मन में किसी भी प्रकार की शंका दूर होगी। उन्होंने कहा, “यह सरकार का एक स्वागतयोग्य कदम है जो स्पष्ट करता है कि स्वायत्त निकाय में दी गई सेवा को केंद्र सरकार में ग्रेच्युटी देने के लिए गिनती में लिया जाएगा। इससे संबंधित सरकारी कर्मचारियों के मन से किसी भी संदेह का निवारण होगा।”
SEO टैग्स:
#स्वदेशी, #समाचार, #ग्रेच्युटी, #स्वायत्त_निकाय, #केंद्र_सरकार, #सेवा_गणना, #NPS, #कर्मचारी_अधिकार, #पेंशन_और_पेंशनभोगी_कल्याण

