नई दिल्ली, 18 अगस्त (पीटीआई) – दक्षिणी दिल्ली के ग्रेटर कैलाश-2 में एक परिवार के घर में सोमवार सुबह दो एशियाई पाम सिवेट पाए गए। वन्यजीव बचाव में कार्यरत एक NGO ने कहा कि इन जानवरों को उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ने से पहले सुरक्षित पकड़कर देखभाल की गई।
NGO की प्रतिक्रिया टीम ने इन सिवेट्स को मां और बच्चे की जोड़ी बताया। परिवार ने Wildlife SOS दिल्ली हेल्पलाइन से संपर्क किया।
टीम ने इन सिवेट्स को Wildlife SOS के ट्रांजिट सेंटर में ले जाकर निरीक्षण और देखभाल की, जहां पशु चिकित्सकों ने इन्हें स्वस्थ घोषित किया। उसके बाद इन्हें वापस उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया।
Wildlife SOS के सह-संस्थापक और CEO कार्तिक सत्यनारायण ने कहा, “ऐसे घटनाक्रम यह याद दिलाते हैं कि आवासीय क्षेत्र की कमी जंगली जीवों को इंसानी बस्तियों के करीब ला रही है। हमारा प्राथमिक लक्ष्य इन जानवरों का सुरक्षित रूप से बचाव और पुनर्स्थापना है, साथ ही साथ इनके साथ सह-अस्तित्व के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है।”
उन्होंने कहा कि एशियाई पाम सिवेट हानिकारक नहीं और शर्मीले प्राणी हैं, लेकिन तीव्र शहरी विकास ने इन्हें भोजन और आसरा खोजने के लिए सीमित विकल्प दे दिए हैं।
कार्तिक ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे ऐसी स्थितियों को स्वयं नियंत्रित करने की बजाय Wildlife SOS जैसी हेल्पलाइन से संपर्क करें।
एशियाई पाम सिवेट रात्रिचर स्तनधारी हैं, जो कीटों की संख्या नियंत्रित करने और बीजों के फैलाव में अहम भूमिका निभाते हैं।
Wildlife SOS ने कहा कि वन आवरण के घटने और तेज़ शहरी विस्तार के कारण ये जानवर इंसानी बस्तियों की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे अक्सर टकराव की स्थिति उत्पन्न होती है।
श्रेणी: ब्रेकिंग न्यूज़
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