नई दिल्ली, 21 अगस्त 2025 (PTI) – TACC लिमिटेड ने केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CRRI), जो कि CSIR का हिस्सा है, के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी से भारत में ग्राफीन-संवर्धित पावमेंट के जरिए सड़कों का निर्माण नया आयाम लेगा और यह कदम देश के स्थायी और टिकाऊ इन्फ्रास्ट्रक्चर लक्ष्यों के करीब पहुंचाने में मददगार होगा।
समझौते पर CRRI निदेशक प्रोफेसर मनोरंजन परीदा, परियोजना प्रमुख डॉ. अंबिका बहर, TACC निदेशक रिजु झुन्झुनवाला और MD व CEO अंकुर खैतान की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।
TACC की अंतर्निहित ग्राफीन एडिटिव तकनीक और CRRI की कंक्रीट एवं अस्फाल्ट इंजीनियरी ज्ञान के संयोजन से भारतीय पवमेंट्स को मजबूत, टिकाऊ और पर्यावरण-हितैषी बनाने का लक्ष्य है। इस पहल से बाइंडर के उपयोग में कमी आएगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन घटेगा और भारत के नेट जीरो उत्सर्जन लक्ष्य का समर्थन होगा।
TACC के MD अंकुर खैतान ने कहा, “यह साझेदारी इंफ्रास्ट्रक्चर और मटेरियल साइंस के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी। ग्राफीन आधारित तकनीक सड़क निर्माण में मजबूती, प्रदर्शन और स्थिरता के लिहाज से एक नई क्रांति है। CRRI के साथ मिलकर की गई ये रिसर्च दीर्घकालीन और प्रभावी परिणाम देगी।”
CRRI की परियोजना प्रमुख डॉ. अंबिका बहर ने कहा, “ग्राफीन-पावमेंट केवल शोध का विषय नहीं, बल्कि भविष्य के स्मार्ट, मजबूत और टिकाऊ सड़क निर्माण का माध्यम हैं। यह तकनीक स्थायीता के लक्ष्यों को पूरा करते हुए टिकाऊपन की चुनौतियों को हल करेगी।”
ग्राफीन, कार्बन का एक एकल आयतन परत, अपनी असाधारण ताकत, बेहतर विद्युत चालकता और हल्के वजन के लिए विख्यात है। इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा भंडारण, वस्त्र उद्योग, और अब सड़क निर्माण में इसका प्रयोग भारत को मजबूत और पर्यावरण के अनुकूल पावमेंट प्रदान करेगा।
यह साझेदारी भारत की पीएम गति शक्ति योजना और 2070 नेट जीरो उत्सर्जन लक्ष्यों के अनुरूप एक प्रभावी कदम है।
संक्षिप्त विवरण:
TACC लिमिटेड, LNJ भीलवाड़ा समूह की कंपनी है जो ग्राफीन आधारित उन्नत सामग्री में अग्रणी है। CRRI, CSIR के अंतर्गत एक प्रमुख राष्ट्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान है जो सड़क डिजाइन, ट्रैफिक प्लानिंग और सुरक्षा में विशेषज्ञता रखता है।
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