नई दिल्ली, 29 अगस्त (PTI) – THDC इंडिया ने शुक्रवार को खूर्जा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट के दूसरे यूनिट (660 मेगावाट) को राष्ट्रीय ग्रिड के साथ सफलतापूर्वक सिंक्रोनाइज़ करने की घोषणा की है। सिंक्रोनाइज़ेशन का मतलब है पावर जनरेशन यूनिट की फ्रीक्वेंसी और वोल्टेज को मुख्य ग्रिड के साथ मिलाना ताकि बिजली की सप्लाई स्थिर और सुचारू बनी रहे।
THDC इंडिया लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में लगभग 13,000 करोड़ रुपये की निवेश से 1,320 मेगावाट (2×660 मेगावाट) की सुपर थर्मल पावर परियोजना स्थापित की है।
कंपनी ने बताया कि पहला यूनिट जनवरी 2025 के मध्यरात्रि से वाणिज्यिक रूप से संचालित हो रहा है, और 28 अगस्त 2025 को यूनिट-2 को भी सफलतापूर्वक राष्ट्रीय ग्रिड के साथ सिंक्रोनाइज़ कर दिया गया है।
THDC इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन और एमडी आर के विश्नोई ने कहा, “खूर्जा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट के यूनिट-2 का सिंक्रोनाइज़ेशन इस 2×660 मेगावाट परियोजना के पूर्ण संचालन की दिशा में निर्णायक कदम है, जो THDC के भारत की बिजली उत्पादन क्षमता को मजबूत बनाने और ऊर्जा क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
यह परियोजना 1,200.843 एकड़ में फैली हुई है और अमेरिका तथा भारत में उन्नत तकनीकों जैसे फ्लू गैस डी-सल्फराइजेशन (FGD) का उपयोग करती है जो पर्यावरण संरक्षण में सहायक है और हवा की गुणवत्ता सुधारती है।
THDC इंडिया लिमिटेड, जो NTPC की सहायक कंपनी है, उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश, गुजरात और केरल में थर्मल और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का संचालन करती है।
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