बिहार के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने अपराध बढ़ोतरी को बेरोजगार कृषि मजदूरों से जोड़ा, सोशल मीडिया पर बढ़ी नाराजगी

पटना, 17 जुलाई (PTI) — बिहार के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने राज्य में हाल में अपराधों की बढ़ोतरी को कृषि मजदूरों की मौसमी बेरोजगारी से जोड़ते हुए इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है।

एडीजी (कानून और व्यवस्था) कुंदन कृष्णन ने बुधवार शाम पत्रकारों से बातचीत में कहा,
“बिहार में केवल दो मुख्य फसल सीजन होते हैं। इस दौरान अधिकांश खेत मजदूर बेरोजगार रहते हैं। इसके चलते जमीन से जुड़ी झड़पें बढ़ जाती हैं। कुछ लोग, खासकर युवा, जल्दी पैसे कमाने के लिए ठेका हत्याओं में भी शामिल हो जाते हैं।”

इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर इस टिप्पणी को लेकर काफी विरोध शुरू हो गया, जहां कई लोगों ने अधिकारी पर कानून-व्यवस्था नियंत्रण में विफलता का बहाना बनाने का आरोप लगाया।

पीटीआई से गुरुवार को बातचीत में कुंदन कृष्णन ने कहा,
“मेरी बात आंकड़ों पर आधारित है। यदि आवश्यक हुआ तो मैं ऐसे आंकड़े पेश करूंगा, जो यह दर्शाते हैं कि इस समय वर्ष में हिंसक अपराधों में वृद्धि होती है।”

इस बयान ने बिहार में अपराध की बढ़ोतरी और मौसमी बेरोजगारी के बीच संबंध को लेकर सामाजिक और राजनीतिक बहस को गति दी है।

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